शिकागो- वैज्ञानिकों ने एक नए शोध से यह नतीजा निकाला है कि गंभीर त्वचा रोग सोरियासिस से पीड़ित युवा परिवार में अपने अन्य भाई बहनों के मुकाबले युवावस्था में ही मौत का शिकार हो सकता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि सामान्य लोगों के मुकाबले गंभीर त्वचा रोग से पीड़ित होने पर जीवन प्रत्याशा पाँच फीसदी कम हो जाती है। इससे पीड़ित व्यक्ति की जिंदगी के तीन से अधिक साल कम हो सकते हैं। महिलाओं की उम्र भी इस कारण चार साल तक कम हो सकती है।
शोधकर्ताओं ने अपनी रिपोर्ट में कहा है यह अध्ययन इस बात को रेखांकित करता है कि बीमारी की यह स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है।
यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के स्कूल ऑफ मेडिसिन में सहायक त्वचा रोग प्रोफेसर जोएल गेलफेंड ने कहा है यह त्वचा को विकृत करने से अधिक गंभीर स्थिति है। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिसका पीड़ित व्यक्ति के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर होता है। नतीजा यह होता है कि जीवन प्रत्याशा कम हो जाती है।
वे कहते हैं कि गंभीर स्थिति तक पहुँचने से बचने के लिए जरूरी है कि मरीज नियमित रूप से स्वास्थ्य जाँच कराएँ और स्वस्थ जीवन शैली अपनाएँ।
सोरियासिस एक सामान्य, लेकिन असाध्य त्वचा रोग है। शुरुआत में यह त्वचा पर लाल रंग के धब्बों के रूप में नजर आता है। ये धब्बे शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकते हैं।
चिकित्सकों की राय में यह बीमारी आंशिक रूप से आनुवांशिक होती है जिसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता में कुछ विकृति भी शामिल हो सकती है। इसका संबंध निराशा अधिक धूम्रपान शराब के सेवन तथा मोटापे ह्म्द्य संबंधी बीमारियों और कुछ प्रकार के कैंसर से होता है।