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Saturday, 1 January 2011

अखबार कर्मचारियों को नए साल का तोहफा :- वेतन में 65 फीसद बढ़ोतरी की सिफारिश

श्रम सचिव को रिपोर्ट सौंपते मजीठिया। फोटो-साभार जनसत्ता।

 आप सभी को नववर्ष २०११ की शुभकामनाएं।


   पत्रकारों और गैर पत्रकारों के लिए बने मजीठिया वेज बोर्ड ने अखबारों और समाचार एजंसियों के कर्मचारियों के लिए 65 फीसद तक वेतन वृद्धि की सिफारिश की है। मूल वेतन का 40 फीसद तक आवास भत्ता और 20 फीसद तक परिवहन भत्ता देने का सुझाव दिया है।

न्यायमूर्ति जीआर मजीठिया के नेतृत्व में बने वेतन बोर्ड ने शुक्रवार को यह भी सिफारिश की कि नए वेतनमान जनवरी 2008 से लागू किये जाएं। बोर्ड ने पहले ही मूल वेतन का 30 फीसद अंतरिम राहत राशि के रूप में देने का एलान किया था। मजीठिया ने शुक्रवार को श्रम सचिव पीके चतुर्वेदी को रपट सौंपी। चतुर्वेदी ने आश्वासन दिया कि सरकार इस रपट की समीक्षा करने के बाद इसे जल्द से जल्द लागू कराने का प्रयास करेगी।

बोर्ड ने 35 फीसद वैरिएबल पे देने की सिफारिश की है। समाचार पत्र उद्योग के इतिहास में किसी वेतन बोर्ड ने इस तरह की सिफारिश पहली बार की है। मजीठिया वेतन बोर्ड ने पत्रकारों और अन्य अखबारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ा कर 65 साल करने, महंगाई भत्ते के मूल वेतन में सौ फीसद न्यूट्रलाइजेशन और विवादों के निपटारे के लिए स्थायी न्यायाधिकरण बनाने की सिफारिश की है।

न्यायमूर्ति मजीठिया ने कहा कि इस बार की रपट में सबसे निचले गे्रड के लिए भी अच्छे वेतन की सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि नए फार्मूले के अनुसार पत्रकार और गैर पत्रकार कर्मचारियों का मूल वेतन उसके वर्तमान मूल वेतन और महंगाई भत्ते में 30 फीसद अंतरिम राहत राशि और 35 फीसद वैरियेबल पे को जोड़ कर तय किया गया है। महंगाई भत्ता मूल वेतन में सौ फीसद न्यूट्रलाइजेशन के साथ जुडेÞगा। ऐसा अब तक केवल सरकारी कर्मचारियों के मामले में होता आया है। वेतन बोर्ड ने 60 करोड़ रुपए या इससे अधिक सकल राजस्व वाली समाचार एजंसियों को शीर्ष श्रेणी वाले समाचार पत्रों के साथ रखा है। इस तरह समाचार एजंसी पीटीआई शीर्ष श्रेणी में जबकि यूएनआई दूसरी श्रेणी में रखी गई है।

मजीठिया बोर्ड की सिफारिशों के अनुसार आवास भत्ता एक्स श्रेणी के शहरों के लिए मूल वेतन का 40 फीसद होगा, जो दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बंगलूर, हैदराबाद, चंडीगढ, अमदाबाद, कानपुर, लखनऊ और नागपुर पर लागू होगा। वाई श्रेणी के शहरों के लिए यह मूल वेतन का 30 फीसद होगा। वाई श्रेणी के शहरों में आगरा, अजमेर, अलीगढ, इलाहाबाद, अमृतसर, बरेली, बीकानेर, भोपाल, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, दुर्गापुर, गुवाहाटी, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जलंधर, जमशेदपुर, कोच्चि, कोटा, मदुरै, मेरठ, पटना, पुणे, रायपुर, राजकोट, रांची, श्रीनगर, सूरत, तिरूवनंतपुरम, वडोदरा, वाराणसी, विशाखात्तनम, मंगलौर, पुडुचेरी, धनबाद, देहरादून, जम्मू और जामनगर आदि शामिल हैं। बाकी शहरों को जेड श्रेणी में रखा गया है, जहां के कर्मचारियों को मूल वेतन का 20 फीसद आवास भत्ता मिलेगा।

वेतन बोर्ड ने वार्षिक वेतन बढ़ोतरी की दर पहली से चौथी श्रेणी के लिए छह फीसद, पांचवीं और छठी के लिए पांच फीसद, सात से नौ के लिए चार, दस से 11 के लिए तीन फीसद तय की है। मजीठिया बोर्ड ने जनवरी, 2008 में अंतरिम राहत घोषित की थी और इसी तारीख से कर्मचारियों को एरियर मिलेगा। इसके अलावा बोर्ड ने एक्स श्रेणी के शहरों के लिए 20 फीसद परिवहन भत्ता, वाई श्रेणी के लिए 10 फीसद और जेड श्रेणी के लिए पांच फीसद परिवहन भत्ता देने की सिफारिश की है।

बोर्ड ने रात्रि भत्ते में भारी बढ़ोतरी करते हुए इसे पहली और दूसरी श्रेणी के लिए सौ रुपए, तीसरी और चौथी के लिए 75 रुपए और पांचवी से 11वीं श्रेणी के लिए 50 रुपए तय कर दिया है। इसके अलावा एक हजार रुपए मासिक कठिनाई भत्ता निर्धारित किया है। एलटीए दो साल में एक बार मिलेगा और मूल वेतन के बराबर होगा।

बोर्ड ने मेडिकल भत्ते में बढ़ोतरी करते हुए इसे पहली और दूसरी श्रेणी के लिए एक हजार रुपए मासिक, तीसरी और चौथी श्रेणी के लिए पांच सौ रुपए मासिक किया है। जिन लोगों पर ईएसआई लागू है, वे ये भत्ता नहीं हासिल कर सकेंगे। बोर्ड ने एरियर का भुगतान तीन समान किस्तों में करने की सिफारिश की है।

इस बीच कनफेडरेशन आफ न्यूजपेपर एंड न्यूज एजंसी इम्प्लाइज आर्गेनाइजेशंस के महासचिव एमएस यादव ने कहा कि वेतन बोर्ड अध्यक्ष ने श्रमजीवी पत्रकार एवं अन्य कर्मचारी कानून में प्रदत्त अधिकारों से वंचित रखते हुए बोर्ड सदस्यों को कई महत्त्वपूर्ण मसलों पर वोटिंग नहीं करने दिया लेकिन इस बात की खुशी है कि कई महत्त्वपूर्ण मांगों पर बोर्ड ने सकारात्मक फैसला किया है और दीर्घकाल में कर्मचारियों को फायदा होगा। सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाना, वैरियेबल पे और परिवहन भत्ता इनमें से एक है।

कनफेडरेशन में शामिल इंडियन जर्नलिस्ट्स

यूनियन के अध्यक्ष सुरेश अखौरी, नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (आई) के वरिष्ठ नेता डा नंद किशोर त्रिखा, आल इंडिया न्यूजपेपर इम्प्लाइज फेडरेशन के महासचिव मदन तलवार, फेडरेशन आफ पीटीआई इम्प्लाइज यूनियंस के अध्यक्ष जान सी गोंजाल्विस, यूएनआई वर्कर्स यूनियन के नेता एमएल जोशी ने भी प्रतिक्रिया दी। (नई दिल्ली, 31 दिसंबर (भाषा)।)

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