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Friday, 18 March 2011

पीएफ पर ९.५ फीसद से राहत पर वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने में देरी से पत्रकार नाराज, २४ को प्रदर्शन करेंगे

भविष्य निधि जमा पर अब 9.5 फीसद ब्याज
वित्त मंत्रालय ने 2010-11 के लिए कर्मचारी भविष्यनिधि संगठन के भविष्य निधि के सदस्यों को उनकी जमाराशि पर साढ़े नौ फीसद ब्याज देने की मंजूरी दे दी है। इस संबंध में जारी अधिसूचना की प्रति श्रम मंत्रालय के जरिए केंद्रीय भविष्य निधि संगठन को मिल गई है। इस फैसले से भविष्य निधि के 4.7 करोड़ से भी ज्यादा जमाकर्ताओं को लाभ होगा। वित्त मंत्रालय के इस फैसले का केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने स्वागत किया है।

एटक के सचिव डीएल सचदेव ने कहा कि केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने हमेशा इस बात पर एतराज किया है कि जब कर्मचारियों की भविष्यनिधि के न्यासियों ने साढ़े नौ फीसद की दर से ब्याज देने की सिफारिश कर दी उसे श्रम मंत्रालय के मंत्री व भविष्य निधि के अध्यक्ष ने मंजूरी ही नहीं बल्कि घोषित भी कर दिया तो उस पर वित्त मंत्रालय को इतना समय गंवाने की क्या जरूरत थी। फिर भी केंद्रीय श्रमिक संगठनों के साथी सदस्य एटक इस फैसले का स्वागत करती है।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन 2005-06 से भविष्य निधि जमा पर 8.5 फीसद की दर से ब्याज दे रहा है। सितंबर महीने में संगठन के न्यासियों ने ब्याज दर बढ़ा कर साढ़े नौ फीसद करने की मांग को मंजूर किया था। जिसकी घोषणा श्रम मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी दी थी। लेकिन केंद्रीय श्रमिक संगठनों की अर्से से मांग थी कि भविष्य निधि के खाते में लगभग 1,731 करोड़ की रकम ऐसी है जिस पर दावे नहीं हैं। इसका लाभ भविष्य निधि के सदस्यों को उनके ब्याज दर में बढ़ोतरी कर दिया जा सकता है।

श्रम मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के साढ़े नौ फीसद की दर से ब्याज देने के फैसले को वित्त मंत्रालय के पास भेजा था। जिस पर वित्त मंत्रालय ने न केवल बगैर दावे की जमा राशि बल्कि खातों के सही तरीके से रखरखाव और ब्याज की दर बढ़ाने के आधार पर सवालिया निशान लगाए थे। वित्त मंत्रालय ने अपनी मंजूरी इस शर्त के साथ दी है कि कर्मचारी भविष्य निधि से अंशधारकों की सूची छह महीने में दुरुस्त हो जाएगी। साथ ही यदि साढ़े नौ फीसद की दर से रिटर्न देने में यदि निधि में कहीं कमी आती है तो उसका समायोजन 2011-12 में ब्याज दर के साथ कर दिया जाएगा।

केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त समिरेंद्र चटर्जी ने गुरुवार को कहा कि अगले वित्त वर्ष में समायोजन की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी। वित्त मंत्रालय ने भी अपनी छानबीन में कर्मचारी भविष्य निधि के ‘सस्पेंस एकाउंट’ अतिरिक्त 1,731 करोड़ रुपए की हमारी गणना को सही पाया। इसी कारण उसने एक फीसद अधिक दर से ब्याज देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। उन्होंने बताया कि एक फीसद की दर से बढ़े ब्याज का लाभ भविष्य निधि के 4.7 करोड़ से अधिक जमाकर्ताओं को मिलेगा।(साभार-जनसत्ता ब्यूरो)

वेतनआयोग की सिफारिशों पर अमल में देर पर 24 को करेंगे प्रदर्शन

अखबारी कर्मचारियों और पत्रकारों के लिए बने वेतन आयोग की सिफारिशों के अमल में सरकार की ओर से हो रही देर पर 24 मार्च को श्रम मंत्रालय पर होगा धरना-प्रदर्शन। यह घोषणा की है कंफेडरेशन आॅफ न्यूजपेपर एंड न्यूज एजंसी एंप्लाइज आर्गेनाइजेशन के महासचिव एमएस यादव ने। उन्होंने कहा कि वेतन आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मजीठिया ने समय पर यानी 31 दिसंबर को सिफारिशों संबंधी अपनी रपट जमा कर दी। लेकिन अब सरकार जानबूझ कर देर कर रही है।

उन्होंने बताया कि 24 मार्च को पत्रकार और अखबारों के कर्मचारी यूएनआई मुख्यालय से दोपहर बारह बजे रैली-प्रदर्शन शुरू करेंगे और श्रम मंत्रालय पर धरना देंगे। कंफेडरेशन ने गुरुवार को हुई अपनी आपात बैठक में इस धरना प्रदर्शन का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि लोकसभा और राज्यसभा में विभिन्न दलों के सदस्य संसद में भी इस वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने संबंधी अधिसूचना जारी होने में हो रही देर पर सरकार से प्रतिक्रिया मांगते रहे हैं लेकिन सरकार से कोई स्पष्ट जवाब अब तक नहीं मिला।(साभार-जनसत्ता ब्यूरो)

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